प्रफुल चव्हाण | इन इंडिया लाइव
मुंबई, २६ अगस्त: राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नेत्र स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। कक्षा ५ वीं से १० वीं तक के २० लाख विद्यार्थियों की आंखों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान दृष्टिदोष पाए जाने वाले पात्र एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क नंबर वाले चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस संबंध में स्कूली शिक्षा विभाग, रत्ननिधि चैरिटेबल ट्रस्ट और वनसाइट एस्सिलोरलक्सोटिका फाउंडेशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे की उपस्थिति में यह समझौता हुआ।
इस परियोजना के तहत राज्यभर में विद्यार्थियों की आंखों की जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। परियोजना की अवधि 36 महीने होगी। रत्ननिधि चैरिटेबल ट्रस्ट परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग करेगा, जबकि वनसाइट एस्सिलोरलक्सोटिका फाउंडेशन तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराएगा।
परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। विद्यार्थियों की जांच, लाभार्थियों की संख्या और चश्मों के वितरण से संबंधित जानकारी त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से दर्ज की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और आंकड़ों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष २०१९ से अब तक १८ जिलों के ८०० विद्यालयों में ६ लाख ८० हजार से अधिक विद्यार्थियों की आंखों की जांच की जा चुकी है तथा ६३ हजार से अधिक चश्मे वितरित किए गए हैं।
इस नई पहल से विद्यार्थियों में दृष्टि संबंधी समस्याओं का समय पर पता लगाने और उनके उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दृष्टिदोष के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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