प्रफुल चव्हाण | इन इंडिया लाईव्ह
ठाणे जिले के उल्हासनगर में अवैध ऑनलाइन लॉटरी का कारोबार जारी होने की शिकायतों के बीच अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, विधानसभा में यह मुद्दा उठाया जा चुका है और कार्रवाई की मांग भी की जा चुकी है, इसके बावजूद उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में ऑनलाइन लॉटरी के खिलाफ एक भी मामला दर्ज और एक भी गिरफ्तारी दिखाई नहीं देती
पुलिस की कार्रवाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में उल्हासनगर परिमंडल-4 में मटका-जुआ के 122 मामले दर्ज कर 327 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ऑनलाइन लॉटरी के मामले में 0 मामले और 0 गिरफ्तारी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है
आसान तरीके से पैसा कमाने के लालच में युवाओं के ऑनलाइन लॉटरी के जाल में फंसने और आर्थिक नुकसान उठाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, इसके बावजूद ऑनलाइन लॉटरी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आंकड़ा शून्य रहने से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं
जब मटका-जुआ के 122 मामले दर्ज कर 327 गिरफ्तारियां की जा सकती हैं, तो ऑनलाइन लॉटरी के मामले में कार्रवाई का आंकड़ा शून्य क्यों है?
क्या पुलिस को उल्हासनगर में चल रहे ऑनलाइन लॉटरी के ठिकानों की जानकारी नहीं है? शिकायतें मिलने के बाद कितनी जांच की गई? कितने स्थानों की जांच की गई? और जांच के दौरान क्या स्थिति सामने आई?
सवाल अब केवल ऑनलाइन लॉटरी के कारोबार का नहीं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और कार्रवाई की पारदर्शिता का भी है, विधानसभा में मुद्दा उठने और शिकायतें सामने आने के बावजूद कार्रवाई का आंकड़ा शून्य है,
लोगों की मांग है कि अवैध ऑनलाइन लॉटरी कारोबार की तत्काल जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और युवाओं को इस प्रकार के जुआ कारोबार से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अब सवाल यही है—ऑनलाइन लॉटरी का यह कारोबार कब रुकेगा और पुलिस कार्रवाई कब करेगी?

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